आरबीआई ने एनबीएफसी और माइक्रोलोन पर जोखिम भार बढ़ाने का निर्णय वापस लिया
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | RBI ने NBFCs और सूक्ष्म ऋणों पर बैंक ऋण के उच्च जोखिम भार को वापस लिया |
| पहलू | नवंबर 2023 का फैसला |
| --- | --- |
| NBFCs के ऋण पर जोखिम भार | 25 प्रतिशत अंक (यदि 100% से कम है) बढ़ाया गया |
| NBFCs को बैंक ऋण वृद्धि | दिसंबर 2023 में 15% से घटकर दिसंबर 2024 में 6.7% रही |
| समग्र बैंक ऋण वृद्धि | 20% से गिरकर 11.2% हो गई |
| सूक्ष्म ऋणों पर जोखिम भार | सभी सूक्ष्म ऋणों के लिए 125% |
| NBFCs पर प्रभाव | उधार लेने की लागत में वृद्धि, पूंजी बाजार और ECBs पर निर्भरता |
| बैंकों पर प्रभाव | उच्च पूंजी आवश्यकताएं |

