सितंबर 2024 में भारत में थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) में उछाल
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| थोक मूल्य सूचकांक (WPI) | सितंबर 2024 में 1.84% हो गया, जो अगस्त 2024 के 1.31% से अधिक है। |
| मुख्य कारण | खाद्य पदार्थों की कीमतों, विशेषकर सब्जियों में तेज वृद्धि। |
| खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति | 11.53% तक बढ़ गई, जो अगस्त के 3.11% से अधिक है और दो साल का उच्चतम स्तर है। |
| सब्जियों की कीमतों में वृद्धि | प्याज की कीमतों में 78.8%, आलू में 78.1%, और टमाटर में 74.5% की वृद्धि हुई। |
| अन्य खाद्य श्रेणियाँ | फलों की मुद्रास्फीति 12.2% तक कम हुई, जबकि दालों की कीमतें 13% पर बनी रहीं। |
| ईंधन और बिजली की कीमतें | 4.05% की गिरावट आई, जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 7.47% और 5.33% तक गिरीं। |
| विनिर्मित उत्पाद | मुद्रास्फीति 1% पर रही, जो सूचकांक का 64.2% हिस्सा है। |
| आर्थिक संदर्भ | भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में संकुचन के साथ हुई। |

