23 भारतीय राज्यों में सरकारी स्कूल नामांकन में भारी गिरावट
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | भारत के 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी स्कूल नामांकन में भारी गिरावट। |
| समयावधि | 2024-25 |
| शामिल मंत्रालय | शिक्षा मंत्रालय (MoE) |
| प्रमुख प्रभावित राज्य | उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, असम, तमिलनाडु, दिल्ली |
| बड़ी गिरावट | उत्तर प्रदेश: -21.83 लाख, बिहार: -6.14 लाख, राजस्थान: -5.63 लाख, पश्चिम बंगाल: -4.01 लाख, कर्नाटक: -2 लाख, असम: -1.68 लाख, तमिलनाडु: -1.65 लाख, दिल्ली: -1.05 लाख |
| संभावित कारण | डेटा शुद्धिकरण: आधार आधारित नामांकन में बदलाव, निजी स्कूलों में परिवर्तन: कोविड के बाद पलायन |
| पीएम-पोषण योजना पर प्रभाव | मध्याह्न भोजन लाभार्थियों में गिरावट: दिल्ली: -97,000, उत्तर प्रदेश: -5.41 लाख, राजस्थान: -3.27 लाख, पश्चिम बंगाल: -8.04 लाख |
| पीएम-पोषण के बारे में | पूर्व में मध्याह्न भोजन योजना, शुरुआत: 1995, दायरा: पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 8, फंडिंग: 60:40 (केंद्र:राज्य) |
| महत्व | सार्वजनिक शिक्षा की विश्वसनीयता, पोषण संबंधी पहुंच और डेटा प्रबंधन को लेकर चिंताएं। |

