सुदर्शन पट्टनायक ने जीता फ्रेड डैरिंगटन पुरस्कार
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| घटना | सुदर्शन पट्टनायक ने कला और संस्कृति में उत्कृष्टता के लिए पहले फ्रेड डैरिंगटन पुरस्कार से सम्मानित किया गया |
| पुरस्कार का विवरण | - शुरुआत: 1925 में वेमाउथ बीच पर फ्रेड डैरिंगटन की पहली रेत मूर्ति के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में। <br> - उद्देश्य: सांस्कृतिक और कलात्मक योगदान के लिए असाधारण रेत मूर्तिकारों को सम्मानित करना। |
| सुदर्शन पट्टनायक का कार्य | - मूर्ति: "विश्व शांति" का संदेश देने वाली 10 फुट ऊँची भगवान गणेश की रेत मूर्ति। <br> - प्रदर्शनी: वेमाउथ, डोर्सेट में सैंडवर्ल्ड में नवंबर 2025 तक प्रदर्शित। <br> - प्राप्त टोकन: डैरिंगटन की कैरिकेचर के साथ एक स्वर्ण पदक और उनकी मूर्ति की रेत से बनी एक कांच की लहर। |
| फ्रेड डैरिंगटन की विरासत | - शुरुआत: 1925 में वेमाउथ बीच पर रेत मूर्तिकला की। <br> - पारिवारिक संबंध: उनके पोते, मार्क एंडरसन, ने 2011 में सैंडवर्ल्ड की स्थापना की और पट्टनायक को पुरस्कार प्रदान किया। |
| सुदर्शन पट्टनायक की यात्रा | - पृष्ठभूमि: पद्म श्री पुरस्कार विजेता, पुरी, ओडिशा में रेत मूर्तिकला शुरू की और अब भारत में एक रेत कला अकादमी चलाते हैं। <br> - सांस्कृतिक प्रभाव: भगवान गणेश की मूर्ति के माध्यम से विश्व शांति का संदेश दिया। |
| मान्यता | ओडिशा के मुख्यमंत्री, मोहन चरण माझी, ने पट्टनायक को उनकी वैश्विक उपलब्धि पर बधाई दी, और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर इसके प्रभाव को रेखांकित किया। |

