| घटनाक्रम (Event) | तमिलनाडु द्वारा अप्रैल 2025 में अंतरिक्ष औद्योगिक नीति का अनावरण। |
| उद्देश्य (Objective) | आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, ₹10,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना, 10,000 नौकरियां सृजित करना। |
| अनुमोदन (Approval) | तमिलनाडु कैबिनेट द्वारा 17 अप्रैल, 2025 को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में अनुमोदित। |
| संरेखण (Alignment) | भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 और IN-SPACe के सुझावों के अनुरूप। |
| मुख्य फोकस क्षेत्र (Key Focus Areas) | विनिर्माण, डिज़ाइन, अनुसंधान एवं विकास (R&D), इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र। |
| मौजूदा बुनियादी ढांचा (Existing Infrastructure) | महेंद्रगिरि में इसरो प्रणोदन परिसर (IRPC), एनआईटी तिरुचिरापल्ली में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ऊष्मायन केंद्र (STIC)। |
| नई पहल (New Developments) | कुलशेखरपट्टिनम, थूथुकुडी में दूसरा भारतीय अंतरिक्ष केंद्र। |
| प्रोत्साहन (Incentives) | पेरोल सब्सिडी, स्पेस बेज़ (Space Bays), औद्योगिक आवास प्रोत्साहन ( ₹10 करोड़ तक 10%), हरित पहल सब्सिडी(₹5 करोड़ तक 25%)। |
| शासन में एकीकरण (Governance Integration) | कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और परिवहन में अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग। |
| रणनीतिक महत्व (Strategic Importance) | भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में तमिलनाडु की भूमिका को मजबूत करना, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना। |