बैंकिंग प्रणाली में तरलता प्रवृत्तियाँ और RBI की रणनीति
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | आरबीआई की वैरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी |
| तारीख | शुक्रवार |
| बोली राशि | 1.6 ट्रिलियन रुपये |
| अधिसूचित राशि | 1 ट्रिलियन रुपये |
| भारित औसत दर | 6.62% |
| तरलता प्रवृत्ति (जून) | अधिशेष: 30,000 करोड़ रुपये (3 जून), 50,000 करोड़ रुपये (4 जून) |
| घाटा: 64,500 करोड़ रुपये (16 जून), 98,612 करोड़ रुपये (17 जून), 1.5 ट्रिलियन रुपये (19 जून) | |
| आरबीआई की रणनीति | अतिरिक्त तरलता से बचने के लिए सिस्टम की तरलता को घाटे की स्थिति में बनाए रखना |
| मई में नकदी की कमी | तरलता घाटा 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो गया, 2.32 ट्रिलियन रुपये (23 मई) पर पहुंच गया |
| आरबीआई के राहत उपाय (मई) | 11 VRR नीलामी के माध्यम से 9 ट्रिलियन रुपये की तरलता डाली (वर्तमान कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक) |
| बैंकों की प्रतिक्रिया (मई) | सीडी (CDs) के जारी करने में वृद्धि: 50,000 करोड़ रुपये (अप्रैल में 32,860 करोड़ रुपये के मुकाबले) |

