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वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट: भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाएँ

वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट: भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाएँ
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वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट: भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाएँ

सारांश/स्थिरविवरण
खबरों में क्यों?संघ बजट 2025-26 में भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश और नीतिगत बदलावों पर प्रकाश डाला गया है।
परमाणु ऊर्जा मिशन2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लिए शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता है।
अनुसंधान एवं विकास (R&D)छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसमें 2033 तक पांच स्वदेशी SMRs विकसित करने का लक्ष्य है।
वैधानिक संशोधननिजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए सिविल दायित्व अधिनियम में संशोधन किए गए हैं।
निजी क्षेत्र की भागीदारीभारत छोटे रिएक्टर्स (BSRs), SMR विकास और उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारत छोटे रिएक्टर्स (BSRs)220 MW के दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर्स (PHWRs) को उद्योगों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे भूमि की आवश्यकता कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।
परमाणु क्षमता विस्तार2031-32 तक क्षमता को 8,180 MW से बढ़ाकर 22,480 MW करने की योजना है, जिसमें छह राज्यों में दस नए रिएक्टर्स शामिल हैं।
हालिया उपलब्धियांRAPP-7 की क्रिटिकलिटी (सितंबर 2024), जादूगोड़ा खानों में यूरेनियम की खोज, और काकरापार में 700 MWe PHWR का व्यावसायिक संचालन शुरू होना।
सुरक्षा और पर्यावरणीय लक्ष्यसख्त सुरक्षा मानकों और स्वच्छ, टिकाऊ परमाणु ऊर्जा के माध्यम से शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने की प्रतिबद्धता।

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