केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी, बंगाली, असमिया, पाली और प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| अनुमोदन की तारीख | 3 अक्टूबर, 2024 |
| अनुमोदित भाषाएँ | मराठी, बांग्ला, असमिया, पाली, प्राकृत |
| दर्जा प्राप्त करने के मापदंड | उच्च प्राचीनता (1500-2000 वर्ष), समृद्ध प्राचीन साहित्य, विशिष्ट परंपरा |
| प्रथम शास्त्रीय भाषा | तमिल (12/10/2004 को अधिसूचित) |
| अन्य शास्त्रीय भाषाएँ | संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, ओडिया |
| प्रभावित राज्य | महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश |
| सरकारी पहल | केंद्रीय विश्वविद्यालय, उत्कृष्टता केंद्र, शिक्षा और शोध क्षेत्र में रोजगार |

