उत्तर प्रदेश के हाथरस में धार्मिक सभा में भगदड़ की घटना:
- हाथरस में एक धार्मिक सभा में भगदड़ के कारण 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले की घटनाओं में कालकाजी मंदिर का मंच ढहना और वर्ष 2022 में वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ शामिल है।
स्टेम्पेड (भगदड़) क्या है?
- भगदड़ भीड़ की आवाजाही में व्यवधान पैदा करती है, जिसके कारण चोट और मौतें होती हैं। इसमें योगदान देने वाले कारकों में खराब इवेंट मैनेजमेंट, भीड़भाड़ या अचानक भारी बारिश, बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ शामिल हैं।
निवारक उपाय:
- उचित जोखिम विश्लेषण और क्षमता नियोजन में घटना की आवृत्ति, मौसम और इलाके को ध्यान में रखना चाहिए। सुरक्षा प्रोटोकॉल में कई प्रवेश और निकास बिंदु, आपातकालीन चिकित्सा कर्मी, प्राथमिक चिकित्सा किट और एम्बुलेंस शामिल होने चाहिए।
भीड़ प्रबंधन पर NDMA दिशानिर्देश:
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने सामूहिक समारोहों में जोखिम को रोकने और कम करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मुख्य दिशानिर्देश:
- जोखिम मूल्यांकन और योजना: भूमिकाओं, संचार प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं को रेखांकित करते हुए एक भीड़ प्रबंधन योजना विकसित करें।
- बुनियादी ढांचा और सुविधाएं: पर्याप्त स्थान, प्रवेश/निकास बिंदु, संकेत, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता सुनिश्चित करें।
- भीड़ प्रवाह प्रबंधन: भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और जोखिमों की पहचान करने के लिए CCTV और ड्रोन जैसी तकनीक का उपयोग करें, तथा भीड़ की सहायता के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की भी व्यवस्था करें।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: भगदड़, आग, चिकित्सा समस्याओं या आतंकवादी हमलों जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहें, सुनिश्चित करें कि चिकित्सा सुविधाएं और प्रशिक्षित कार्मिक उपलब्ध हों।
- प्रशिक्षण और जागरूकता: आयोजकों, सुरक्षाकर्मियों और स्वयंसेवकों को भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षित करें।
- प्रौद्योगिकियों का उपयोग: भीड़ की भविष्यवाणी और व्यवहार विश्लेषण के लिए AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करें।
प्रीलिम्स टेकअवे
- NDMA दिशानिर्देश

