उप्र में वैदिक-3डी संग्रहालय का निर्माण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घोषणा | उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक वैदिक-3डी संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की है। |
| केंद्रित क्षेत्र | भारतीय ज्योतिष, खगोल विज्ञान और वैदिक साहित्य। |
| मुख्य विशेषताएं | रास पंचाध्यायी, श्रीमद् भागवत गीता और दुर्गासप्तशती जैसे दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रदर्शनी, जिन पर सोने की कलाकृति से अंकन किया गया है। |
| उद्देश्य | शास्त्रार्थ (आध्यात्मिक चर्चा) को पुनर्जीवित करना और वैदिक साहित्य में ज्ञान को गहरा करना। |
| विश्वविद्यालय निरीक्षण | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 234 वर्ष पुरानी मुख्य इमारत का निरीक्षण किया और गवर्नमेंट आयुर्वेदिक महाविद्यालय, चौकाघाट के पुन: समेकन को मंजूरी दी। |
| बुनियादी ढांचे की योजनाएं | संस्कृत साइनबोर्ड की स्थापना, सीवर और जल निकासी प्रणालियों का सुधार, सड़कों की मरम्मत और परिसर की दीवार का निर्माण। |
| प्रशासनिक उपाय | साइकिल और वाहन स्टैंड की स्थापना, स्वच्छता, त्वरित मरम्मत और घिसे हुए तारों का प्रतिस्थापन। |
| उपस्थित लोग | कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, मंत्री रवींद्र जायसवाल, मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और अन्य अधिकारी। |

