उत्तर प्रदेश ने जबरन धर्मांतरण के लिए सजा बढ़ाने वाला संशोधन विधेयक पारित किया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| विधेयक का नाम | उत्तर प्रदेश धर्मांतरण निषेध (संशोधन) विधेयक, 2024 |
| पारित होने की तिथि | 30 जुलाई, 2024 |
| प्रस्तावक | सुरेश खन्ना, संसदीय कार्य मंत्री |
| मुख्य प्रावधान | - जबरन धर्मांतरण के लिए सजा को सख्त किया गया |
| - धोखे से शादी या धर्मांतरण की सजा: आजीवन कारावास | |
| पहले की सजा: 10 साल की कैद और ₹50,000 का जुर्माना | |
| गंभीर अपराध | धर्मांतरण के उद्देश्य से धमकी देना, हमला करना, शादी करना, तस्करी करना या षड्यंत्र रचना |
| अपराधों की सजा | 20 साल की कैद या आजीवन कारावास |
| आलोचना | - आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रही है |
| - उन्होंने रोजगार और महंगाई को मुख्य मुद्दे बताया |

