वरुण-23: भारत-फ्रांस नौसेना अभ्यास का महत्व
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| अभ्यास का नाम | वरुण नौसेना अभ्यास का 21वां संस्करण (वरुण-23) |
| भाग लेने वाली नौसेनाएं | भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना |
| शुरुआत वर्ष | 1993 |
| वरुण नामकरण | 2001 |
| 2023 के चरण | चरण I: 16-20 जनवरी, 2023 (भारत का पश्चिमी तट) |
| चरण II: अरब सागर | |
| मुख्य संसाधन | मिसाइल फ्रिगेट्स, टैंकर, समुद्री गश्ती विमान, हेलीकॉप्टर |
| फ्रांसीसी नौसेना: विमानवाहक पोत चार्ल्स-डी-गॉल | |
| भारतीय नौसेना: विध्वंसक पोत, पनडुब्बियां (INS विक्रमादित्य रखरखाव के कारण अनुपस्थित) | |
| उद्देश्य | युद्ध कौशल बढ़ाना, संचालन क्षमता में सुधार, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना |
| गतिविधियाँ | पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा, सामरिक युद्धाभ्यास, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर लैंडिंग, समुद्र में आपूर्ति |
| 2023 की विशेषता | UAE ने पहली बार भाग लिया, त्रिपक्षीय सहयोग की शुरुआत |
| रणनीतिक फोकस | विश्व समुद्री सुरक्षा, विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करना |

