लद्दाख में चांगपा घुमंतू जनजाति के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा दिया गया।
| विषय | चांगपा घुमंतू जनजाति के लिए कल्याणकारी ढांचा एवं आजीविका संबंधी पहल |
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| चर्चा में क्यों? | जनजातीय कार्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चांगपा जनजाति पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का कोई विशेष अध्ययन नहीं किया गया है, लेकिन उनके लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। |
| जनजाति का परिचय | चांगपा लद्दाख के चांगथांग पठार (Changthang Plateau) में रहने वाला अर्ध-घुमंतू (Semi-Nomadic) समुदाय है, जिसकी आजीविका मुख्यतः पश्मीना बकरियों और याक पालन पर आधारित है। |
| प्रमुख योजनाएँ | - पीएम-जनमन (PM-JANMAN - प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान)<br>- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA)<br>- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के आवास की सुविधा। |
| प्रमुख हस्तक्षेप | - मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की व्यवस्था।<br>- मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार।<br>- शिक्षा हेतु आवासीय छात्रावास।<br>- दुर्बुक में वन धन विकास केंद्र (Van Dhan Vikas Kendra - VDVK) की स्थापना, जिसे प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) के तहत ₹15 लाख की प्रारंभिक पूंजी (Seed Capital) प्रदान की गई। |
| आर्थिक सहायता | ट्राइफेड (TRIFED - Tribal Co-operative Marketing Development Federation of India) आय सृजन तथा जनजातीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) में सहायता प्रदान करता है। |

