विश्व जैव ईंधन दिवस 2024: नवाचार एवं प्रभाव
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | विश्व बायोफ्यूल दिवस |
| तारीख | 10 अगस्त |
| महत्व | 1893 में रूडोल्फ डीजल के पहले सफल बायोफ्यूल इंजन संचालन की याद में |
| आयोजक (2024) | इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (ICGEB) |
| स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| केंद्रित क्षेत्र | बायोफ्यूल में प्रगति, कार्बन कैप्चर, उन्नत बायोफ्यूल, नेट जीरो लक्ष्य |
| बायोफ्यूल के प्रकार | इथेनॉल, बायोडीजल |
| इथेनॉल सम्मिश्रण | E10 (10% इथेनॉल, 90% पेट्रोल) |
| बायोडीजल के स्रोत | इस्तेमाल किया हुआ खाना पकाने का तेल, पीली चर्बी, पशु वसा |
| पर्यावरणीय लाभ | ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार |
| ऊर्जा सुरक्षा | भारत अपने कच्चे तेल का 85% से अधिक आयात करता है; बायोफ्यूल इस निर्भरता को कम करते हैं |
| आर्थिक लाभ | तेल आयात में कमी, किसानों की आय में वृद्धि, खाद्यान्न अधिशेष का समाधान |
| सरकारी पहल | राष्ट्रीय बायोफ्यूल नीति (2018), ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस (GBA), प्रधानमंत्री जी-वन योजना |
| जीएसटी में कमी | ईबीपी कार्यक्रम के लिए इथेनॉल पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया |
| लक्ष्य | 2025-26 तक 20% इथेनॉल सम्मिश्रण |
| प्रगति | इथेनॉल की खरीद 38 करोड़ लीटर (2013-14) से बढ़कर 408 करोड़ लीटर (2021-22) हो गई |
| किसानों को लाभ | 2021-22 में ₹25,750 करोड़ मूल्य का इथेनॉल खरीदा गया |

