विश्व टेलीविजन दिवस: वैश्विक संचार की शक्ति
| पहलू | विवरण |
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| खबरों में क्यों? | 21 नवंबर, 2024 को विश्व टेलीविज़न दिवस मनाया जाएगा, जो टेलीविज़न के संचार, शिक्षा और वैश्विक जागरूकता पर प्रभाव को रेखांकित करता है। |
| स्थापित किया गया | संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा 1996 में, पहले विश्व टेलीविज़न फोरम (21-22 नवंबर, 1996) के बाद। |
| उद्देश्य | - टेलीविज़न की भूमिका को वैश्विक संपर्क और महत्वपूर्ण चर्चा में हाइलाइट करना। |
| - शांति, विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता पर जोर देना। | |
| महत्व | - वैश्वीकरण का प्रतीक है, जो सांस्कृतिक और भौगोलिक विभाजन को पाटता है। |
| - गलत सूचना के बजाय विश्वसनीय पत्रकारिता और शैक्षिक कार्यक्रम को बढ़ावा देना। | |
| - दर्शकों को सशक्त और शिक्षित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री के निर्माण को प्रोत्साहित करना। | |
| 2024 का थीम | सुलभता: इसका फोकस समावेशिता पर है और यह सुनिश्चित करता है कि टेलीविज़न सामग्री विविध दर्शकों के लिए सुलभ हो, जिसमें शामिल हैं: |
| - बहुभाषी उपलब्धता और प्रारूप। | |
| - सबटाइटल्स, ऑडियो विवरण और सांकेतिक भाषा जैसी एक्सेसिबिलिटी सुविधाएं। | |
| भारत में टेलीविज़न का सफर | 1959: टेलीविज़न की शुरुआत एक शैक्षिक माध्यम के रूप में ऑल इंडिया रेडियो के तहत हुई। |
| 1982: दिल्ली एशियाई खेलों के दौरान रंगीन प्रसारण की शुरुआत, जिससे इसका दायरा बढ़ा। |

