विश्व सुनामी जागरूकता दिवस: लचीले समुदायों का निर्माण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तिथि | ५ नवंबर (प्रतिवर्ष) |
| स्थापित किया गया | संयुक्त राष्ट्र (२०१५) |
| उद्देश्य | दुनिया भर में सुनामी जागरूकता, तैयारी और लचीलापन निर्माण को बढ़ावा देना |
| २०२४ की थीम | लचीले समुदायों का निर्माण (युवाओं और भविष्य की पीढ़ियों पर ध्यान केंद्रित) |
| मुख्य ध्यान | समुदाय-आधारित दृष्टिकोण, शिक्षा और आपदा जोखिम में कमी |
| ऐतिहासिक प्रेरणा | जापान की Inamura-no-hi (धान के गट्ठरों को जलाने) की कहानी |
| प्रमुख सुनामी | २००४ हिंद महासागर सुनामी, २०११ Tōhoku सुनामी जापान में |
| सुनामी की विशेषताएं | गति: ८०० किमी/घंटा तक; ऊंचाई: तट के निकट बढ़ती है; प्रभाव: व्यापक बाढ़ और नुकसान |
| सुनामी के कारण | समुद्र के नीचे भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, भूस्खलन, अंतरिक्षीय टक्कर |
| भूकंप से सुनामी की शर्तें | परिमाण ≥६.५, उथली गहराई (<७० किमी), समुद्र तल का ऊर्ध्वाधर हलचल |
| ज्वालामुखी सुनामी उदाहरण | १८८३ Krakatoa विस्फोट (१३५ फुट तक की लहरें) |
| २०२४ के अवसर पर गतिविधियाँ | २००४ हिंद महासागर सुनामी की २०वीं वर्षगांठ मनाना, युवा शिक्षा पर ध्यान केंद्रित |

