विश्व जल दिवस 2025: ग्लेशियर संरक्षण का महत्व
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | विश्व जल दिवस 2025 |
| तिथि | 22 मार्च |
| थीम | "हिमनद संरक्षण" |
| उद्देश्य | मीठे पानी के महत्व और इसके सतत प्रबंधन पर प्रकाश डालना |
| पहली बार मनाया गया | 1993 |
| वर्षगांठ | 32वां |
| आयोजक | संयुक्त राष्ट्र |
| एसडीजी संरेखण | सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 6: 2030 तक सभी के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | हिमनद संरक्षण, मीठे पानी की आपूर्ति, जलवायु विनियमन, पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता |
| हिमनद मीठे जल | विश्व के 70% मीठे पानी का भंडार हिमनदों में (यूनेस्को) |
| भारतीय हिमनद | 16,627 हिमनद, मुख्य रूप से हिमालय में (इसरो) |
| प्रमुख नदी प्रणालियाँ | गंगा, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, यमुना |
| चुनौतियाँ | जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई, जल की कमी |
| समाधान | वैश्विक जलवायु कार्रवाई, वनीकरण, वैज्ञानिक निगरानी, सतत जल प्रबंधन |

