सीरिया में असद शासन का पतन: नया अध्याय
| समाचार में क्यों | मुख्य बिंदु |
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| सीरिया में अल-असद वंश का अंत | हयात तहरीर अल-शम (HTS) के नेतृत्व में विद्रोही सेनाओं ने दमिश्क में प्रवेश किया और राष्ट्रपति बशर अल-असद को सीरिया छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे 50 वर्षों से अधिक के असद परिवार के शासन का अंत हुआ। |
| अल-असद का शासन | 1970 में हाफेज अल-असद ने एक सैन्य तख्तापलट के माध्यम से शासन शुरू किया। हाफेज, जो एक अलवाइट थे, ने प्रमुख पदों पर अलवाइटों को रखकर सत्ता को मजबूत किया। |
| बशर अल-असद का उदय | 2000 में हाफेज की मृत्यु के बाद राष्ट्रपति बने। शुरुआत में उन्हें एक सुधारवादी के रूप में देखा गया, लेकिन उन्होंने तानाशाही शासन जारी रखा। |
| सीरिया का गृहयुद्ध | 2011 में अल-असद द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। इसके कारण 5 लाख से अधिक मौतें हुईं और लाखों लोग विस्थापित हुए। |
| हयात तहरीर अल-शम (HTS) | HTS, जिसकी शुरुआत में अल-कायदा से जुड़ाव था, ने दमिश्क पर अंतिम हमला शुरू किया और अलेप्पो और होम्स जैसे प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया। |
| अल-असद के सहयोगी | रूस और ईरान अल-असद शासन के प्रमुख समर्थक थे। रूस ने 2015 में सीरिया में अपनी भागीदारी शुरू की। |
| सीरिया का भविष्य | HTS का शासन आगे अस्थिरता और तानाशाही की ओर ले जा सकता है। सीरिया के शासन और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के बारे में सवाल बने हुए हैं। |
| क्षेत्रीय राजनीति पर प्रभाव | अल-असद का पतन मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को बदल देता है, जिससे रूस, ईरान, इज़राइल और तुर्की के प्रभाव पर असर पड़ा है। |
| प्रमुख खिलाड़ी | - HTS: अबू मोहम्मद अल-जोलानी के नेतृत्व में - रूस: 2015 से सैन्य भागीदारी - ईरान: अल-असद का प्रमुख क्षेत्रीय सहयोगी |

