अहिंसा दिवस: गांधी की विरासत
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| घटना | अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस |
| त्यौहार की तारीख | 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी का जन्मदिन) |
| संयुक्त राष्ट्र संकल्प | महासभा का संकल्प A/RES/61/271 |
| संकल्प की तारीख | 15 जून, 2007 |
| सह-प्रायोजक | 140 देश |
| प्राथमिक उद्देश्य | 1. शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से अहिंसा का संदेश फैलाना।<br>2. अहिंसा के सिद्धांतों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता को पुनः स्थापित करना। |
| मुख्य व्यक्ति | महात्मा गांधी, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेता और अहिंसक प्रतिरोध के प्रणेता। |
| अहिंसा की परिभाषा | सामाजिक या राजनीतिक परिवर्तन लाने के लिए शारीरिक हिंसा को अस्वीकार करने का सिद्धांत। |
| मुख्य अवधारणाएं | 1. शक्ति संरचना: शासकों की शक्ति जनता की सहमति पर निर्भर करती है।<br>2. शांतिवाद से परे: अहिंसा युद्ध के विरोध से आगे जाती है। |
| अहिंसक कार्रवाई की श्रेणियां | 1. विरोध और प्रेरक कार्य: जुलूस, प्रार्थना सभाएं, भाषण, प्रदर्शन।<br>2. असहयोग: बहिष्कार, हड़ताल, सविनय अवज्ञा, कर विरोध।<br>3. अहिंसक हस्तक्षेप: नाकेबंदी, धरना, समानांतर संस्थाओं का निर्माण। |
| गांधी की विरासत | - भारत को अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता दिलाई।<br>- वैश्विक नागरिक अधिकार आंदोलनों को प्रेरित किया।<br>- दर्शन ने शांतिपूर्ण प्रतिरोध और नैतिक ऊंचाई पर जोर दिया। |

