नासा का यूरोपा क्लिपर मिशन
| सारांश/स्थिर जानकारी | विवरण |
|---|---|
| लॉन्च की तारीख | 14 अक्टूबर, 2024 |
| लॉन्च का समय | दोपहर 12:06 बजे (ईएसटी) |
| लॉन्च वाहन | स्पेसएक्स फाल्कन हेवी |
| लॉन्च स्थल | केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा |
| प्राथमिक मिशन लक्ष्य | यूरोपा के सतह के नीचे मौजूद महासागर में जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं या नहीं, इसकी खोज करना |
| बृहस्पति से दूरी | 1.8 अरब मील (2.9 अरब किलोमीटर) |
| अनुमानित पहुँच | अप्रैल 2030 |
| फ्लाइबाई की संख्या | यूरोपा के 49 फ्लाइबाई |
| सबसे नज़दीकी दूरी | यूरोपा की सतह से 16 मील (25 किलोमीटर) |
| मिशन का महत्व | पृथ्वी से परे एक महासागर दुनिया का अध्ययन करने के लिए NASA का पहला समर्पित मिशन |
| अंतरिक्ष यान का आकार | NASA द्वारा निर्मित सबसे बड़ा अंतरग्रहीय अंतरिक्ष यान |
| वैज्ञानिक उपकरण | बर्फ को भेदने वाला रडार, कैमरे, थर्मल सेंसर (कुल नौ उपकरण) |
| सौर पैनल | अंतरग्रहीय मिशन पर सबसे बड़े सौर पैनल (100 फीट/30.5 मीटर फैलाव) |
| ग्रेविटी असिस्ट | 2025 में मंगल फ्लाइबाई, 2026 में पृथ्वी फ्लाइबाई |
| पिछले मिशन | 1990 के दशक में गैलीलियो मिशन ने यूरोपा के सतह के नीचे महासागर के प्रमाण दिए |
| वैज्ञानिक उद्देश्य | बर्फ की परत की मोटाई मापना, सतह पर कार्बनिक यौगिकों का अध्ययन करना, टेक्टोनिक गतिविधि और जल के फव्वारों की जाँच करना |
| संचार | NASA के डीप स्पेस नेटवर्क, कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया के साथ स्थापित |
| टीम के प्रयास | मिशन में 4,000 से अधिक लोगों ने योगदान दिया |

