| कार्यक्रम का नाम | सारस आजीविका मेला 2025 |
| स्थान | नोएडा हाट, सेक्टर 33 ए, नोएडा, उत्तर प्रदेश |
| तिथियाँ | 21 फरवरी से 10 मार्च 2025 |
| आयोजक | ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) के सहयोग से |
| उद्घाटन | ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, साथ ही ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और श्री कमलेश पासवान |
| थीम | लाखपति स्वयं सहायता समूह (SHG) दीदियों का निर्यात क्षमता विकास |
| प्रतिभागी | 30 राज्यों से स्वयं सहायता समूह (SHG) |
| मुख्य प्रदर्शनियाँ | हथकरघा, हस्तशिल्प, प्राकृतिक और जैविक खाद्य उत्पाद, हस्तनिर्मित गहने, घर की सजावट की वस्तुएं और लकड़ी की कलाकृतियाँ |
| प्रमुख प्रदर्शन | कलमकारी, मेखला चादर, कोसा साड़ी, चंदेरी और बाघ प्रिंट कपड़े, पोचमपल्ली इकत बुनाई, पश्मीना ऊन उत्पाद, कांठा, बाटिक प्रिंट, टांट, बालुचारी बुनाई |
| खाद्य उत्पाद | अदरक, चाय, कॉफी, दालें, मसाले, सेब जैम, पापड़, अचार, पारंपरिक मिठाइयाँ और नमकीन |
| लाइव खाद्य स्टॉल | 20 राज्यों से 25 स्टॉल, जिनमें मक्के की रोटी-सरसों का साग, ढोकला, लिट्टी-चोखा, बांस की करी, मलाबार पराठा शामिल हैं |
| विशेष व्यवस्थाएं | वरिष्ठ नागरिक सहायता, बच्चों का जोन, माताओं के लिए देखभाल सुविधाएं, सांस्कृतिक प्रदर्शन |
| निर्यात प्रोत्साहन मंडप | अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों पर जानकारी प्रदान करता है, स्वयं सहायता समूहों को निर्यात बाजार से जोड़ता है, निर्यात नियम, पैकेजिंग और विपणन रणनीतियों पर प्रशिक्षण आयोजित करता है |
| उद्देश्य | स्वयं सहायता समूहों की कला और हस्तकला को प्रोत्साहित और प्रदर्शित करना, बिचौलियों को हटाना, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना, पारंपरिक भारतीय कलाओं को संरक्षित करना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को सपोर्ट करना |