विश्व ध्यान दिवस 2024: महत्व, इतिहास, और लाभ
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | विश्व ध्यान दिवस |
| तिथि | 21 दिसंबर 2024 |
| स्थापित किया गया | संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) |
| प्रस्ताव तिथि | 29 नवंबर 2024 |
| उद्देश्य | ध्यान के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक लाभों को मनाना और वैश्विक शांति और एकता को बढ़ावा देना। |
| मुख्य आयोजक | भारत का स्थायी मिशन |
| कार्यक्रम स्थल | संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क |
| कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण | श्री श्री रवि शंकर (आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक) द्वारा आयोजित वैश्विक ध्यान सत्र। |
| कार्यक्रम की थीम | वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए ध्यान |
| ध्यान की परिभाषा | एक प्राचीन प्रथा जो वर्तमान क्षण पर केंद्रित है, जिसमें माइंडफुलनेस, केंद्रित ध्यान और एकाग्रता जैसी तकनीकें शामिल हैं। |
| ध्यान के प्रकार | - माइंडफुलनेस मेडिटेशन<br>- ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन<br>- गाइडेड मेडिटेशन<br>- योग आधारित ध्यान |
| लाभ | - व्यक्तिगत: तनाव में कमी, फोकस में सुधार, भावनात्मक संतुलन, बेहतर नींद और शारीरिक स्वास्थ्य।<br>- सामूहिक: सहानुभूति, सहयोग और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा। |
| प्रौद्योगिकी की भूमिका | ध्यान ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने इस प्रथा को वैश्विक स्तर पर सुलभ बना दिया है। |
| महत्व | ध्यान उम्र, राष्ट्रीयता और विश्वास से परे है, जो आंतरिक शांति को वैश्विक सद्भाव के आधार के रूप में बढ़ावा देता है। |

