विश्व दलहन दिवस 2025: पोषण और सततता में दलहन की भूमिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| क्यों चर्चा में है? | 10 फरवरी, 2025 को दलहन: कृषि-खाद्य प्रणालियों में विविधता लाना थीम के साथ विश्व दलहन दिवस मनाया जाएगा, जो दलहन के पोषण, मृदा स्वास्थ्य और स्थिरता में भूमिका को उजागर करेगा। |
| दलहन क्या हैं? | दलहन फलियों के खाद्य बीज होते हैं, जो सूखे अनाज के रूप में काटे जाते हैं। उदाहरण: बीन्स, मसूर, मटर, चना और लोबिया। ये प्रोटीन से भरपूर, फाइबर युक्त और संतुलित आहार के लिए आवश्यक हैं। |
| इतिहास | - 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने खाद्य सुरक्षा और स्थिरता में दलहन की भूमिका को मान्यता दी। - 2016 को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय दलहन वर्ष घोषित किया। - 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने 10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस घोषित किया। |
| महत्व | - पोषण संबंधी लाभ: प्रोटीन से भरपूर, कोलेस्ट्रॉल कम करता है, रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है और पाचन में सहायक। - खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था: सस्ता पोषण, किसानों का समर्थन और जलवायु-सहनशील। - पर्यावरणीय स्थिरता: मृदा उर्वरता बढ़ाता है, कम पानी की आवश्यकता और ग्रीनहाउस गैसों में कमी। |
| 2025 की थीम | दलहन: कृषि-खाद्य प्रणालियों में विविधता लाना - यह दलहन की जैव विविधता, स्थायी कृषि और कमजोर समुदायों की खाद्य सुरक्षा में भूमिका पर जोर देता है। |

